Friday, 17 June 2016

ब्लीच से पाएं गोरापन

हमारी त्वचा दिनभर तेज धूप, धूल-मिट्टïी, प्रदूषण आदि का सामना करती है। इस वजह से त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं। परिणामस्वरूप त्वचा की रंगत फीकी पडऩे लगती है। ऐसा माना जाता है कि त्वचा में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। ऐसे में त्वचा को ब्लीच की जरूरत

हमारी त्वचा दिनभर तेज धूप, धूल-मिट्टïी, प्रदूषण आदि का सामना करती है। इस वजह से त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं। परिणामस्वरूप त्वचा की रंगत फीकी पडऩे लगती है। ऐसा माना जाता है कि त्वचा में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। ऐसे में त्वचा को ब्लीच की जरूरत पड़ती है। ब्लीच त्वचा की कोशिकाओं को ऑक्सीजन प्रदान कर उन्हें पोषण देती है। ब्लीच द्वारा बिना दर्द और चुभन के चेहरे को नुकसान पहुंचाए बगैर अनचाहे रोयों से छुटकारा मिलता है।

ब्लीच चेहरे पर तीन प्रकार से काम करती है। प्री ब्लीच स्किन प्रॉब्लम्स से बचाती है, एक्टिवेटर पाउडर और ब्लीच क्रीम फेयरनेस देती है और पोस्ट ब्लीच क्रीम चेहरे पर चमक लाती है।

तरह-तरह की ब्लीच

आजकल मार्केट में सैफ्रन, गोल्ड, पर्ल, ऐलोवेरा, टर्मरिक, हर्बल ऑक्सी आदि कई अलग-अलग प्रकार की ब्लीच उपलब्ध हैं जिनसे आसानी से गोरापन पाया जा सकता है। एक नया इनोवेशन करते हुए डाबर कंपनी मार्केट में एक नई अमोनिया रहित ब्लीच लेकर आई है। इस ब्लीच को इस्तेमाल करने पर न तो तीव्र गंध आती है और न ही आंखों से आंसू निकलते हैं। इसके साथ एक स्पून भी होता है, जिसकी मदद से क्रीम और एक्टिवेयर को सही मात्रा में आसानी से मिक्स किया जा सकता है।

ब्लीच करने से पहले

ब्लीच चेहरे के अनचाहे रोएं छिपाने का काम करती है। लेकिन हर किसी की त्वचा और रोयों का रंग अलग-अलग होता है। इसलिए ब्लीच करने से पहले टेस्ट करना बेहद जरूरी है। इसके लिए क्रीम और एक्टिवेयर को अच्छी तरह मिक्स करके अपनी हथेली पर लगाकर देखें कि इससे किसी प्रकार की कोई एलर्जी तो नहीं हो रही है।

चेहरे पर ब्लीच लगाने से पहले उसे क्लीजिंग मिल्क या बर्फ के पानी से जरूर साफ कर लें ताकि चेहरे पर जमी धूल-मिट्टïी साफ हो जाए और चेहरे पर ब्लीच का असर हो।

कैसे करें प्रयोग

ब्लीच चेहरे पर तभी असर करती है जब इसमें क्रीम और एक्टिवेटर की सही-सही मात्रा मिलाई जाए। एक्टिवेटर की मात्रा ज्यादा हो जाने पर चेहरे पर जलन होने की संभावना रहती है इसलिए मिक्सिंग के समय बेहद सावधान रहने की जरूरत होती है। ब्लीच को हमेशा कांच के बरतन में मिक्स करें। स्टील के किसी बरतन में मिक्स करने पर उससे केमिकल रिएक्शन होने का खतरा रहता है। ब्लीच को सबसे पहले नाक के पास के हिस्से पर लगाएं, क्योंकि यही पर सबसे ज्यादा रोएं होते हैं। आंखों के पास का हिस्सा काफी नाजुक होता है। इसलिए आंखों को ब्लीच से बचाने के लिए ब्लीच लगाने के दौरान कॉटन बॉल्स को गुलाबजल में भिगोकर आंखों पर रखें। ऐसा करने पर आप रिलैक्स महसूस करेंगी। पूरे चेहरे पर ब्लीच क्रीम लगाने के बाद 15-20 मिनट तक लगा रहने दें। फिर गीले कपड़े या गीले स्पॉन्ज से चेहरे को अच्छी तरह साफ करें। फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें। ध्यान रहे ब्लीच लगाने के कम से कम 4-5 घंटे तक चेहरे पर साबुन या एस्ट्रिंजेंट का इस्तेमाल न करें।

त्वचा के अनुरूप चुनें ब्लीच

अगर आप की स्क्नि सेंसिटिव है तो आप के लिए लैक्टो ब्लीच सही है। क्योंकि लैक्टो ब्लीच बहुत ज्यादा हार्ड नहीं होती है जिस वजह से इससे किसी तरह की एलर्जी नहीं होती। ऑक्सी ब्लीच भी सभी तरह की स्किन्स के लिए अच्छी होती है। अगर आपकी स्किन फेयर है तो सैफ्रन ब्लीच और अगर डार्क है तो पर्ल ब्लीच चुनें। किसी खास मौके के लिए ब्लीच करनी हो तो गोल्ड ब्लीच बेस्ट रहेगी।

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